Friday, 10 June 2016

अचानक एक मोड़ पर सुख और दुःख की मुलाकात हो गई.

दुःख ने सुख से कहा तुम कितने भाग्यशाली हो ,जो लोग तुम्हें पाने की कोशिश में लगे रहते है सुख ने मुस्कराते हुए कहा भाग्यशाली मैं नहीं तुम हो !

दुःख ने हैरानी से पूछा : - "वो कैसे?

सुख ने बड़ी ईमानदारी से जबाब  दिया वो ऐसे कि तुम्हें पाकर लोग अपनों को याद करते हैं ,लेकिन मुझे पाकर सब अपनों को भूल जाते हैं।

Tuesday, 7 June 2016

मेरे " दुश्मन " कहते है....
तेरे पास ऐसा क्या है ????
जिससे तेरे " नाम " की
चर्चा है....
मैंने भी कह दिया की,,
" दिल " नरम और
" दिमाग " गरम है....
बाकी सब मेरे "श्याम" का करम " है.
☄ *||"जय श्री श्याम"||* ☄
*जनसंख्या*
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एक गाँव में जिलाधिकारी महोदय नसबंदी के महत्व और उपयोगिता के बारे में ग्राम सेवकों की एक सभा में भाषण कर रहे थे.

भाषण के बाद उन्होंने कहा कि अगर कोई सवाल पूछना चाहे तो पूछ सकता है.

एक ग्राम सेवक खडा हुआ और हाथ जोड़ कर बोला – साहब माफ़ किया जाये एक अटपटा सवाल पूछ रहा हूँ. पर यह मेरा सवाल नहीं है है, गाँव वाले पूछते है.

जिलाधिकारी महोदय ने उसे सवाल पूछने की अनुमति दे दी.

ग्राम सेवक ने कहा – सरकार गाँव वाले पूछते है की क्या जिलाधिकारी महोदय ने नसबंदी कराई है?

जिलाधिकारी महोदय ने कहा- नहीं मैंने नसबंदी नहीं कराई है.

ग्राम सेवक ने पूछा – सरकार गाँव वाले पूछते है की क्या कमिश्नर महोदय ने नसबंदी कराई है?

जिलाधिकारी महोदय ने कहा- जहाँ तक मुझे जानकारी है कमिश्नर महोदय ने भी नसबंदी नहीं कराई है.

ग्राम सेवक ने पूछ – सरकार गाँव वाले पूछते है कि क्या मंत्रालय के सचिव महोदय ने नसबंदी कराई है?

जिलाधिकारी महोदय ने कहा- मैं तुम्हारा सवाल समझ गया... देखो हम सब पढ़े – लिखे लोग हैं...हम बिना नसबंदी कराए ही परिवार नियोजन करते हैं.

ग्राम सेवक ने कहा- हुज़ूर यही तो गाँव वाले कहते हैं कि " हमें भी पढ़ाओ लिखाओ ,
हमारी नसबंदी करने के पीछे क्यों पड़े हो !!
🤓😎😎