हिन्दुतान का क़ानून
जिस कि अभिनेता संजय दत्त 25 दिन अंदर तो 10 दिन बाहर करते करते जेल की सजा काट रहे है और अब अच्छे व्यवहार को देखते हुए 25 फ़रवरी को आजाद हो रहे है।
बेशक इसमे किसी को कोई आपत्ति नही लेकिन किसी गरीब को भी ऐसा मौका मिल जाये जो कम पढ़े लिखे या अपरिपक्व दिमाग के भी होते है ।संजय दत्त तो एक हाई फ़ाई पर्सन और बहुत बुद्धिमान आदमी भी है।
अगर गरीब जेल प्रशासन के नजर न चढ़े या वह प्रार्थना के लिए व्यय न कर सके तो सरकारो का भी यह कर्तव्य नहीं बनता कि उसे कानूनी सहायता उपलब्ध करवाये।
जिससे सभी को समानता का मेसेज जाये ।
सम्माननीय न्यायलय का आदेश सभी को स्वीकार्य है।
यह मात्र कानूनी पेचीदगी और हमारी संवेदना की बात है ।
जिस कि अभिनेता संजय दत्त 25 दिन अंदर तो 10 दिन बाहर करते करते जेल की सजा काट रहे है और अब अच्छे व्यवहार को देखते हुए 25 फ़रवरी को आजाद हो रहे है।
बेशक इसमे किसी को कोई आपत्ति नही लेकिन किसी गरीब को भी ऐसा मौका मिल जाये जो कम पढ़े लिखे या अपरिपक्व दिमाग के भी होते है ।संजय दत्त तो एक हाई फ़ाई पर्सन और बहुत बुद्धिमान आदमी भी है।
अगर गरीब जेल प्रशासन के नजर न चढ़े या वह प्रार्थना के लिए व्यय न कर सके तो सरकारो का भी यह कर्तव्य नहीं बनता कि उसे कानूनी सहायता उपलब्ध करवाये।
जिससे सभी को समानता का मेसेज जाये ।
सम्माननीय न्यायलय का आदेश सभी को स्वीकार्य है।
यह मात्र कानूनी पेचीदगी और हमारी संवेदना की बात है ।
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