Saturday, 20 August 2016

एक आदर्श सत्य

ऐ जिंदगी तू इक लफड़ा है
कुछ ख्वाहिशो का ,
यहाँ ना तो किसी को गम चाहिये ,
और ना ही किसी को कम चाहिए ।।

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