यह क्यों नहीं ?
आम उपभोक्ता बिजली मीटर किराये का मासिक किराया देता है जो कि यूनिट खर्च से भी ज्यादा तक आता है।
जब मीटर ऑटोमैटिक आया है , पैसे अडवांस जमा सिस्टम आया है तो यह क्यों नहीं कि......
24×30 में से बिजली कितने घण्टे रही उस हिसाब से आपका मीटर किराया अमुक बनता है ।
जागो ग्राहक जागो
यह राष्ट्रीय नहीं बनिया बिजली कंपनी है
No comments:
Post a Comment