Wednesday, 24 August 2016

एक आइडिया

यह क्यों नहीं ?
          आम उपभोक्ता बिजली मीटर किराये का मासिक किराया देता है जो कि यूनिट खर्च से भी ज्यादा तक आता है।
      जब मीटर ऑटोमैटिक आया है , पैसे अडवांस जमा सिस्टम आया है तो यह क्यों नहीं कि......
24×30 में से बिजली कितने घण्टे रही उस हिसाब से आपका मीटर किराया अमुक बनता है ।
        जागो ग्राहक जागो
यह राष्ट्रीय नहीं बनिया बिजली कंपनी है

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